लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अस्त्र पीडीए को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। सीएम ने कहा कि पीडीए की परिभाषा में भी गिरगिट की तरह रंग बदला जा रहा हैं।पी की परिभाषा पहले पिछड़ा,फिर पंडित बताई गई।एक दिन पी की परिभाषा पाकिस्तान से भी कर देंगे।बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित हिंदू गौरव दिवस को संबोधित कर रहे थे।
सीएम योगी ने कहा कि कल्याण सिंह ने अपनी सत्ता गवां दी,लेकिन कहा कि रामभक्तों पर गोली नहीं चलेगी।अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश के तीन मुख्यमंत्रियों के नाम पर आयोजित कार्यक्रमों में मुझे भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ।तीनों अलग अलग पार्टी के मुख्यमंत्री रहे।सीएम ने कहा कि कल्याण सिंह जी का निधन होना हम लोगों के लिए दुखद था।प्रधानमंत्री अपना कार्यक्रम छोड़कर आए,हम लोगों की पूरी कैबिनेट लखनऊ से अलीगढ़ तक लगी रही,लेकिन सपा की तरफ से सामान्य शिष्टाचार भी नहीं निभाया गया।
सीएम योगी ने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती ने आकर अपना दायित्व निभाया और बाबूजी को उन्होंने श्रद्धांजलि दी,लेकिन सपा के मुखिया हमारे नेता से कितना द्वेष रखते हैं कि उन्होंने प्रत्यक्ष जाकर श्रद्धांजलि देना तो दूर, शब्दों से भी कुछ व्यक्त नहीं किया।यह जातीय अपमान है,यह हर हिंदू का अपमान था।
सपा के पिछड़े और दलित प्रेम पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि सपा ने पहली बार ऐसा नहीं किया है।एक तरफ बाबूजी उन मूल्यों के लिए समर्पित थे,जो कहा वो करके दिखाया। यह लोग (अखिलेश) कब क्या बोलें, कुछ नहीं कहा जा सकता है। सीएम ने कहा कि कन्नौज में बाबा साहेब के नाम पर मेडिकल कॉलेज बना,लेकिन आंबेडकर का नाम सपा ने हटा दिया।मंत्री असीम अरुण ने इसकी जानकारी दी तो दोबारा बाबा साहेबा का नाम मेडिकल कॉलेज से जोड़ा गया। सीएम ने कहा कि मैनपुरी में लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर के नाम पर कॉलेज बना तो सपा ने वह नाम भी मिटा दिया। तब हमने औरेया में राजमाता के नाम पर नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया।
कल्याण सिंह की तारीफ करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बड़ा आदमी पद से नहीं अपनी सोच और कर्मों से बड़ा होता है।सामान्य किसान परिवार में जन्म लेने वाले कल्याण सिंह अपनी कर्मणता, मूल्य और सिद्धांतों के प्रति अडिग रहने के भाव से हमेशा स्मर्णीय बने रहेंगे।उन पर कभी किसी का कोई दबाव नहीं पड़ा।कहते थे कि कल्याण सिंह टूट सकता है लेकिन झुक नहीं सकता है। राम मंदिर आंदोलन को खुलकर समर्थन किया।