लखनऊ।उत्तर प्रदेश में अब शातिर अपराधियों और वारदातों को अंजाम देकर फरार होने वाले बदमाशों की अब खैर नहीं है।उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच को हाईटेक और अचूक बनाने के लिए डॉग स्क्वाड में विश्व की सबसे फुर्तीली और जांबाज नस्ल बेल्जियन शेफर्ड के खोजी कुत्तों की एंट्री हुई है।ये वही नस्ल है,जिसने अमेरिका के सबसे बड़े सर्च ऑपरेशन में आतंकी संगठन अल-कायदा मुखिया ओसामा बिन लादेन और आतंकी संगठन आईएसआईएस सरगना अबू बक्र अल-बगदादी के ठिकानों को ढूंढ निकालने में अहम भूमिका निभाई थी।अब इस नस्ल के ट्रेंड स्निफर डॉग बाराबंकी और बरेली पुलिस के डॉग स्क्वाड में अपराधियों की तलाश और जटिल केसों की गुत्थी सुलझाएंगे।
ग्वालियर से 9 महीने की कड़ी ट्रेनिंग लेकर बाराबंकी पहुंचा टकर
बाराबंकी जिले के डॉग स्क्वाड में बेल्जियन शेफर्ड नस्ल के खोजी कुत्ते टकर को शामिल कर लिया गया है।टकर को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के ग्वालियर के मशहूर नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग में प्रशिक्षित किया गया है।टकर के साथ उसके हैंडलर विकास कुमार ने भी ग्वालियर से पूरे 9 महीने का कड़ा प्रशिक्षण पूरा किया है। ट्रेनिंग के दौरान टकर को मानव गंध की पहचान करने और वारदात वाली जगह से मिले मामूली सुरागों से भी अपराधी की लोकेशन तक पहुंचने के गुर सिखाए गए हैं।हैंडलर और कुत्ते के बीच का मजबूत तालमेल किसी भी घटनास्थल पर बारीकी से सुराग जुटाने में पुलिस की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।
बाराबंकी में करीब एक साल से खाली था डॉग स्क्वाड
बाराबंकी पुलिस के लिए टकर का आना बड़ी राहत लेकर आया है।जिले के डॉग स्क्वाड में पहले डोबरमैन नस्ल के दो खोजी कुत्ते डायना और निक्की तैनात थे।तीन अप्रैल 2025 को डायना और 18 सितंबर 2025 को निक्की की मृत्यु हो गई थी। लगभग एक साल से जिले में कोई प्रशिक्षित खोजी कुत्ता मौजूद नहीं था।किसी भी गंभीर घटना में सुराग जुटाने के लिए पुलिस को दूसरे जिलों या बाहरी टीमों पर निर्भर रहना पड़ता था।अब टकर के आने से यह कमी पूरी हो गई है।ढाई महीने में बाराबंकी को एक और खोजी कुत्ता मिलने की उम्मीद है,जिससे टीम और मजबूत होगी।
बरेली पुलिस की टीम में शामिल हुए बेन और चिक्की
बरेली जिले के डॉग स्क्वाड की भी ताकत बढ़ी है।बरेली पुलिस को दो नए प्रशिक्षित डॉग मिले हैं,इनमें बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल का बेन और लैब्राडोर रिट्रीवर नस्ल की चिक्की शामिल हैं।स्क्वाड में पहले से मौजूद लाना के साथ अब बरेली पुलिस के पास कुल तीन प्रशिक्षित खोजी कुत्ते हो गए हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि ये नए ट्रेंड श्वान मानव गंध के आधार पर अपराधियों की खोज, घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य जुटाने और लापता लोगों की तलाश में बेहद कारगर साबित होंगे।इनका इस्तेमाल हत्या, लूट, डकैती जैसे जघन्य अपराधों के खुलासे और वीआईपी सुरक्षा अभियानों में किया जाएगा।
दुनिया भर में मशहूर है बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल
बेल्जियन मैलिनोइस को दुनिया की सबसे एथलेटिक,फुर्तीली और मानसिक रूप से सतर्क नस्लों में गिनती होती है।लंबी दूरी तक लगातार गंध ट्रैक करने और बेहद विपरीत हालात में भी काम करने के कारण दुनिया भर की सेना और सुरक्षा एजेंसियां इस नस्ल को पहली पसंद मानती हैं।
ऑपरेशन नेपच्यून स्पीयर (2011):पाकिस्तान के एबटाबाद में जब अमेरिकी नेवी सील्स ने आतंकी संगठन अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के ठिकाने पर धावा बोला था, तब उस टीम में काइरो नाम का बेल्जियन मैलिनोइस कुत्ता शामिल था,जिसने कंपाउंड को सुरक्षित करने और सुराग ढूंढने में मदद की थी।
ऑपरेशन कायला म्यूलर (2019): सीरिया में आतंकी संगठन आईएसआईएस सरगना अबू बक्र अल-बगदादी के खिलाफ ऑपरेशन में इसी नस्ल के डॉग कोनान ने अंधेरी और खतरनाक सुरंग में बगदादी का पीछा किया था। बगदादी ने खुद को उड़ा लिया था,लेकिन घायल होने के बाद भी कोनान ने अपनी ड्यूटी निभाई और बाद में उसे अमेरिकी व्हाइट हाउस में सम्मानित भी किया गया।
अनसुलझे और ब्लाइंड केस खोलने में मिलेगी सीधी मदद
अक्सर गंभीर आपराधिक घटनाओं जैसे मर्डर,डकैती और चोरी में पुलिस को मौके से सीधे सबूत या चश्मदीद नहीं मिलते,ऐसे ब्लाइंड केसों में अपराधी द्वारा छोड़े गए कपड़े, हथियार या किसी भी वस्तु की गंध सूंघकर ये खोजी कुत्ते जांच की सटीक दिशा तय करते हैं।यूपी पुलिस में टकर और बेन जैसे जांबाज कुत्तों के शामिल होने से न सिर्फ अपराध नियंत्रण में गति आएगी, बल्कि पुराने अनसुलझे मामलों को सुलझाने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
-बगदादी को खोजने वाली नस्ल के कुत्ते यूपी पुलिस में,बेड़े में जुड़े टकर और बेन
लखनऊ।उत्तर प्रदेश में अब शातिर अपराधियों और वारदातों को अंजाम देकर फरार होने वाले बदमाशों की अब खैर नहीं है।उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच को हाईटेक और अचूक बनाने के लिए डॉग स्क्वाड में विश्व की सबसे फुर्तीली और जांबाज नस्ल बेल्जियन शेफर्ड के खोजी कुत्तों की एंट्री हुई है।ये वही नस्ल है,जिसने अमेरिका के सबसे बड़े सर्च ऑपरेशन में आतंकी संगठन अल-कायदा मुखिया ओसामा बिन लादेन और आतंकी संगठन आईएसआईएस सरगना अबू बक्र अल-बगदादी के ठिकानों को ढूंढ निकालने में अहम भूमिका निभाई थी।अब इस नस्ल के ट्रेंड स्निफर डॉग बाराबंकी और बरेली पुलिस के डॉग स्क्वाड में अपराधियों की तलाश और जटिल केसों की गुत्थी सुलझाएंगे।
ग्वालियर से 9 महीने की कड़ी ट्रेनिंग लेकर बाराबंकी पहुंचा टकर
बाराबंकी जिले के डॉग स्क्वाड में बेल्जियन शेफर्ड नस्ल के खोजी कुत्ते टकर को शामिल कर लिया गया है।टकर को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के ग्वालियर के मशहूर नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग में प्रशिक्षित किया गया है।टकर के साथ उसके हैंडलर विकास कुमार ने भी ग्वालियर से पूरे 9 महीने का कड़ा प्रशिक्षण पूरा किया है। ट्रेनिंग के दौरान टकर को मानव गंध की पहचान करने और वारदात वाली जगह से मिले मामूली सुरागों से भी अपराधी की लोकेशन तक पहुंचने के गुर सिखाए गए हैं।हैंडलर और कुत्ते के बीच का मजबूत तालमेल किसी भी घटनास्थल पर बारीकी से सुराग जुटाने में पुलिस की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।
बाराबंकी में करीब एक साल से खाली था डॉग स्क्वाड
बाराबंकी पुलिस के लिए टकर का आना बड़ी राहत लेकर आया है।जिले के डॉग स्क्वाड में पहले डोबरमैन नस्ल के दो खोजी कुत्ते डायना और निक्की तैनात थे।तीन अप्रैल 2025 को डायना और 18 सितंबर 2025 को निक्की की मृत्यु हो गई थी। लगभग एक साल से जिले में कोई प्रशिक्षित खोजी कुत्ता मौजूद नहीं था।किसी भी गंभीर घटना में सुराग जुटाने के लिए पुलिस को दूसरे जिलों या बाहरी टीमों पर निर्भर रहना पड़ता था।अब टकर के आने से यह कमी पूरी हो गई है।ढाई महीने में बाराबंकी को एक और खोजी कुत्ता मिलने की उम्मीद है,जिससे टीम और मजबूत होगी।
बरेली पुलिस की टीम में शामिल हुए बेन और चिक्की
बरेली जिले के डॉग स्क्वाड की भी ताकत बढ़ी है।बरेली पुलिस को दो नए प्रशिक्षित डॉग मिले हैं,इनमें बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल का बेन और लैब्राडोर रिट्रीवर नस्ल की चिक्की शामिल हैं।स्क्वाड में पहले से मौजूद लाना के साथ अब बरेली पुलिस के पास कुल तीन प्रशिक्षित खोजी कुत्ते हो गए हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि ये नए ट्रेंड श्वान मानव गंध के आधार पर अपराधियों की खोज, घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य जुटाने और लापता लोगों की तलाश में बेहद कारगर साबित होंगे।इनका इस्तेमाल हत्या, लूट, डकैती जैसे जघन्य अपराधों के खुलासे और वीआईपी सुरक्षा अभियानों में किया जाएगा।
दुनिया भर में मशहूर है बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल
बेल्जियन मैलिनोइस को दुनिया की सबसे एथलेटिक,फुर्तीली और मानसिक रूप से सतर्क नस्लों में गिनती होती है।लंबी दूरी तक लगातार गंध ट्रैक करने और बेहद विपरीत हालात में भी काम करने के कारण दुनिया भर की सेना और सुरक्षा एजेंसियां इस नस्ल को पहली पसंद मानती हैं।
ऑपरेशन नेपच्यून स्पीयर (2011):पाकिस्तान के एबटाबाद में जब अमेरिकी नेवी सील्स ने आतंकी संगठन अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के ठिकाने पर धावा बोला था, तब उस टीम में काइरो नाम का बेल्जियन मैलिनोइस कुत्ता शामिल था,जिसने कंपाउंड को सुरक्षित करने और सुराग ढूंढने में मदद की थी।
ऑपरेशन कायला म्यूलर (2019): सीरिया में आतंकी संगठन आईएसआईएस सरगना अबू बक्र अल-बगदादी के खिलाफ ऑपरेशन में इसी नस्ल के डॉग कोनान ने अंधेरी और खतरनाक सुरंग में बगदादी का पीछा किया था। बगदादी ने खुद को उड़ा लिया था,लेकिन घायल होने के बाद भी कोनान ने अपनी ड्यूटी निभाई और बाद में उसे अमेरिकी व्हाइट हाउस में सम्मानित भी किया गया।
अनसुलझे और ब्लाइंड केस खोलने में मिलेगी सीधी मदद
अक्सर गंभीर आपराधिक घटनाओं जैसे मर्डर,डकैती और चोरी में पुलिस को मौके से सीधे सबूत या चश्मदीद नहीं मिलते,ऐसे ब्लाइंड केसों में अपराधी द्वारा छोड़े गए कपड़े, हथियार या किसी भी वस्तु की गंध सूंघकर ये खोजी कुत्ते जांच की सटीक दिशा तय करते हैं।यूपी पुलिस में टकर और बेन जैसे जांबाज कुत्तों के शामिल होने से न सिर्फ अपराध नियंत्रण में गति आएगी, बल्कि पुराने अनसुलझे मामलों को सुलझाने में भी बड़ी मदद मिलेगी।