लखनऊ।उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे एक बार फिर सुर्खियों में हैं।सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में अविनाश पांडेय प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती और रवि गौतम को पुलिस वाहन के अंदर थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहे हैं।अब अविनाश पांडेय की कार्यशैली को लेकर बहस छिड़ गई है।यह पहली बार नहीं है जब अविनाश पांडे सुर्खियों में आए हों,इससे पहले भी कई मामलों में अविनाश पांडेय के फैसले और कार्रवाई चर्चा का विषय बन चुकी हैं।
जानें कौन हैं आईपीएस अविनाश पांडेय
अविनाश पांडे उत्तर प्रदेश कैडर के 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।अविनाश पांडेय का जन्म 3 फरवरी 1988 को लखीमपुर खीरी जिले में हुआ था।अविनाश पांडेय ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया है।पुलिस सेवा के दौरान अविनाश पांडेय पीलीभीत,मऊ और मेरठ समेत कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।इसके अलावा गाजियाबाद में एसपी सिटी और प्रयागराज कुंभ मेले में भी उनकी तैनाती रही है।बेहतर पुलिसिंग के लिए अविनाश पांडेय को दो बार डीजीपी प्रशंसा चिह्न से सम्मानित किया जा चुका है। अविनाश पांडेय को 15 अगस्त 2022 को सिल्वर मेडल और 26 जनवरी 2025 को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया था।
क्यों वायरल हुआ थप्पड़कांड
मेरठ में 15 मई को परीक्षा देने निकली दलित छात्रा ललिता गौतम का शव 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के एक गन्ने के खेत में मिला था।पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया,लेकिन परिजन और दलित समाज के लोग आरोपी के परिवार और अन्य कथित सहयोगियों पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग मेरठ कलेक्ट्रेट पहुंचे और सड़क जाम कर प्रदर्शन करने लगे।इसी दौरान एसएसपी अविनाश पांडे मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान कई लोगों को थप्पड़ मारते नजर आए।वायरल वीडियो में अविनाश पांडेय पुलिस वाहन के अंदर जाकर रवी गौतम पर हाथ उठाते दिखाई देते हैं।
ईद को लेकर दिए बयान से भी बटोरी थी सुर्खियां
मार्च 2026 में मेरठ के एसएसपी रहते हुए अविनाश पांडे ने कहा था कि ईद की नमाज सार्वजनिक सड़कों पर अदा नहीं करने दी जाएगी। अविनाश पांडेय ने चेतावनी दी थी कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अविनाश पांडेय का यह बयान भी काफी चर्चा में रहा था।
इंस्पेक्टर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लगाई थी फटकार
मेरठ में ही एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अविनाश पांडे ने एक इंस्पेक्टर से मामले की जानकारी मांगी थी।संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने बैठक के दौरान ही इंस्पेक्टर को फटकार लगाई और थाना छोड़कर घर जाने तक की बात कह दी।बाद में संबंधित अधिकारी के निलंबन के भी निर्देश दिए गए थे।
मुख्तार अंसारी की संपत्तियों पर कार्रवाई में भी रहे सक्रिय
मऊ में तैनाती के दौरान अविनाश पांडे माफिया मुख्तार अंसारी और उसके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी चर्चा में रहे।इस दौरान अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई में पुलिस ने कई कदम उठाए थे।
पीलीभीत में भी रहे चर्चा में
पीलीभीत में एसपी रहते हुए अविनाश पांडे कई बड़े अभियानों का हिस्सा रहे।खालिस्तानी आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई और फर्जी पासपोर्ट-वीजा नेटवर्क पर शिकंजा कसने को लेकर भी अविनाश पांडेय का नाम सुर्खियों में रहा।
नवनियुक्त दरोगाओं के साथ पहुंचे थे फिल्म देखने
हाल ही में अविनाश पांडे उस समय भी चर्चा में आए थे,जब उन्होंने नवनियुक्त दरोगाओं के साथ फिल्म देखने के लिए दो सिनेमाघर बुक कराए थे।इस पहल को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।