झांसी और लखनऊ में सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी,मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
झांसी और लखनऊ में सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी,मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

08 Jul 2026 |   39



 

लखनऊ।झांसी में गरौठा से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आने के बाद बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कस दिया।दीप नारायण और उनके सहयोगियों के घर और अन्य ठिकानों पर ईडी की आधा दर्जन टीमों ने छापा मारा।झांसी और लखनऊ में एकसाथ पड़ताल की।

धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के साथ ही आय से अधिक संपत्ति और अन्य मामलों में दबंग रहे पूर्व सपा विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ शिकंजा कसा गया है।दीप नारायण खिलाफ गैंग्स्टर एक्ट के तहत भी पहले कार्रवाई की गई है। अधिकांश मामले अवैध खनन के भी हैं।

ईडी की टीमों ने बुधवार सुबह 6.30 बजे पूर्व विधायक दीप नारायण के कई ठिकानों पर छापामारी की। ईडी के अधिकारियों ने भगवंतपुरा में मून सिटी के साथ दीप नारायण के पैतृक गांव बुढ़ावली के साथ कई और ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।दीप नारायण के पीए अशोक गोस्वामी के घर भी ईडी ने छापा मारा।इस दौरान मून सिटी के बाहर पैरा मिलिट्रि फोर्स और पीएसी तैनात रही। मोठ में पूर्व चेयरमैन अनिरुद्ध यादव उर्फ बड़े राजा के घर भी छापेमारी हुई है।

ईडी के प्रयागराज जोनल कार्यालय ने बुधवार सुबह धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव के झांसी और लखनऊ में कई ठिकानों पर छापेमारी की।झांसी में टीम ने मूनसिटी और सीपरी बाजार थाना के ताज कंपाउंड में में दीप नारायण के पीए अशोक गोस्वामी के घर पहुंचकर जांच शुरु की।

पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रही लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में छापेमारी की गई। ईडी के मुताबिक जांच उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की एफआईआर के आधार पर दर्ज ईसीआईआर पर आधारित है। एफआईआर में दीप नारायण पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।ईडी की टीम ने दीप नारायण से पूछताछ भी की। इस कार्रवाई के दौरान मूनसिटी के बाहर पैरामिलिट्रि फोर्स के साथ ही पीएसी को तैनात कर दिया गया। हर आने-जाने वाले की निगरानी की गई।

मून सिटी में आवास से टीम को महत्वपूर्ण दस्तावेज,डिजिटल डिवाइस समेत कई संपत्तियों के रिकॉर्ड भी मिले,जिनको कब्जे में लेकर टीम दीप नारायण से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में एजेंसी को पता चला है कि कथित अपराध से अर्जित धन को रियल एस्टेट, निर्माण और अन्य व्यावसायिक कंपनी तथा एलएलपी के नैटवर्क के माध्यम से खपाया और धन शोधन किया गया।

ईडी के मुताबिक मामले में पीएमएलए के तहत सूचीबद्ध अपराधों से संबंधित 23 से अधिक एफआईआर शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता/ भारतीय दण्ड संहिता, उत्तर प्रदेश गैंग्स्टर्स एक्ट और गुंडा एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में लगभग 60 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, हत्या के प्रयास और डकैती जैसे गम्भीर आरोप शामिल हैं।ईडी की टीम ने आरोपित,परिजनों और उनसे जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर तलाशी ली।

ईडी की टीम ने सुबह मून सिटी पहुंचकर दबिश दी। बताया गया है कि जिस समय छापेमारी हुई,उस समय पूर्व विधायक दीप नारायण सो रहे थे। टीम के आने की जानकारी मिलते ही घर में अफरा-तफरी मच गयी। इसके अलावा मून सिटी में रहने वाले लोग फोर्स को देखकर सकते में आ गये।

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