धीरज कुमार द्विवेदी
लखनऊ।योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओपी राजभर ने एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तंज कसा है। सोमवार सुबह एक्स पर पोस्ट कर ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर व्यंग्य करते हुए उन्हें चुनावी राजनीति को लेकर निशाने पर लिया।
एक्स पोस्ट की शुरुआत गुड मॉर्निंग अखिलेश जी से करते हुए ओपी राजभर ने कहा,उठ जाइए,सुबह हो चुकी है,कितना सोएंगे महाराज।राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने सपने में देखा है कि अखिलेश यादव चुनाव तक आराम की मुद्रा में ही रहने वाले हैं और इसी तरह सोते रहेंगे।
ओपी राजभर ने कहा कि दादरी में हुई समाजवादी पार्टी की रैली फ्लॉप रही,जिसके बाद अखिलेश यादव को अपनी राजनीतिक जमीन कमजोर होने का एहसास हो गया है।राजभर ने कहा कि रैली के नतीजे देखकर सपा प्रमुख अब दूसरी रैली करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं और उनके करीबी लोग भी यही बात बता रहे हैं।राजभर ने अखिलेश यादव को निराश और हताश बताते हुए कहा कि वह उनके मित्र हैं और मित्र होने के नाते उनकी चिंता करते हैं।राजभर ने कहा कि उठ जाइए महाराज,हम तो आपके मित्र हैं,मित्रता की वजह से आपकी चिंता रहती है।
पोस्ट के अंत में ओपी राजभर ने सपा के वोट बैंक पर भी टिप्पणी की।राजभर ने कहा कि सिर्फ यादव और मियां भाई के वोट से काम नहीं बनेगा मित्र।ना ट्विटर,एसी-पीसी काम करेगा।इसलिए उठ जाग मुसाफ़िर भोर भयो।
बताते चलें कि ओपी राजभर और अखिलेश यादव के बीच पिछले कुछ समय से लगातार सियासी बयानबाजी देखने को मिल रही है।विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए यूपी में सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।राजभर लगातार सपा और उसके नेतृत्व पर हमलावर हैं,जबकि सपा भी भाजपा और उसके सहयोगी दलों को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति अपना रही है।
बता दें कि इससे पहले ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को कुर्मी समाज के नेताओं के सम्मान को लेकर घेरा था। राजभर ने आरोप लगाया कि पीडीए की बात करने वाले अखिलेश कुर्मी समाज के नेताओं की परवाह नहीं करते। एक्स पर ओपी राजभर ने लिखा था,राजा बाबू उर्फ अखिलेश यादव जी, सुप्रभात।आज मैं बात आपसे करूंगा,लेकिन बात कुर्मी समाज के भाइयों की होगी,बात उनके सम्मान की होगी,उनके नेता की होगी,उनके नेता के तिरस्कार की होगी।तीन दिन पहले यानी दो जुलाई को सामाजिक न्याय के प्रखर पुरोधा एवं वंचित,शोषित तथा पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन समर्पित श्रद्धेय डॉ. सोनेलाल पटेल जी की जयंती थी। याद है न,आपको शायद पता भी ना हो लेकिन डॉ सोनेलाल जी की जयंती थी।