प्रयागराज।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को संभल के चर्चित रहे पूर्व क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी और तत्कालीन इंस्पेक्टर अनुज तोमर को बड़ी राहत देते हुए सीजेएम कोर्ट के एक आदेश पर रोक लगा दी।इस आदेश को नवंबर 2024 में संभल हिंसा के सिलसिले में पूर्व क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी सहित 22 पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया था।यह आदेश जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने दिया है।
निचली अदालत के आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
संभल की सीजेएम कोर्ट ने पुलिस अफसरों समेत लगभग 20 कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया था।इस आदेश के खिलाफ एएसपी अनुज चौधरी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मंगलवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर अंतरिम रोक लगाते हुए पुलिस अधिकारियों को फिलहाल राहत दे दी है।
शिकायतकर्ता से मांगा जवाब, पांच हफ्ते बाद सुनवाई
अदालत ने इस मामले के शिकायतकर्ता यामीन को नोटिस जारी कर दोनों याचिकाओं पर अपना पक्ष रखने और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।अब इस पूरे मामले की विस्तृत सुनवाई पांच हफ्ते के बाद दोबारा होगी,तब तक एएसपी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
सरकार की तरफ से क्या दिया गया तर्क
इससे पहले राज्य सरकार की तरफ से कहा गया था कि यामीन के बेटे आलम को जो गोली लगी थी,वह पुलिस इस्तेमाल नहीं करती।सरकार की तरफ से यह भी कहा गया था कि सीजेएम ने बीएन एस एस की धारा 175 की अनदेखी की है। इस धारा के सहित किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच का आदेश देने से पहले दो चरणों का पालन आवश्यक है। पहला चरण वरिष्ठ पुरुष अधिकारी से रिपोर्ट लेना है जबकि दूसरा घटना की परिस्थितियों पर लोक सेवक के पक्ष या बयानों पर भी विचार किया जाना। सीजेएम ने पुलिस की रिपोर्ट को पूरी तरह नजर अंदाज कर दिया।