श्रीकृष्ण पर टिप्पणी को लेकर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री पर भड़के महंत सीताराम दास,कहा-शास्त्री का बयान अज्ञानता से भरा
श्रीकृष्ण पर टिप्पणी को लेकर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री पर भड़के महंत सीताराम दास,कहा-शास्त्री का बयान अज्ञानता से भरा

02 Nov 2026 |   22



 

अयोध्या।बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण पर अपनी विवादित टिप्पणी को लेकर भले ही माफी मांग चुके हों,लेकिन टिप्पणी का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।संतों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है।धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर अब अयोध्या के साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने प्रतिक्रिया दी है।महंत सीताराम दास ने धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के बयान को अज्ञानता से भरा हुआ करार दिया साथ ही कहा कि ऐसा शास्त्रों के गहरे अध्ययन की कमी के कारण हुआ है।

गुरु परंपरा न पढ़ने के कारण दिया अज्ञानता भरा बयान

महंत सीताराम दास ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बागेश्वर धाम सरकार ने जो भी कहा है वह शास्त्रों के गहरे चिंतन के अभाव और गुरु परंपरा में अध्ययन न करने का परिणाम है।महंत ने कहा कि उनका जो भी बयान है वह अज्ञानता के कारण दिया गया है।राम और कृष्ण दोनों एक ही हैं और दोनों में कोई भेद नहीं है।एक सच्चा भक्त भगवान श्रीकृष्ण को भी अपना उतना ही इष्ट मानता है,जितना कि वह भगवान श्रीराम को मानता है।दोनों स्वरूप एक ही हैं और इनमें कोई अंतर नहीं है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण पर क्या कहा था

बता दें कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में चल रही श्रीराम कथा के दौरान भगवान श्रीराम की तुलना श्रीकृष्ण से करते हुए विवादित टिप्पणी की थी। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि तुम अपने वाले ठाकुरजी की एक भी फोटो देख लो।खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े,पांव के ऊपर पांव,कहीं कमर लचकाएं और टेढ़ी गर्दन करके बंसी बजाते हैं। हमारे वाले तो खड़े भी होते हैं एकदम सीधे,हमारे वाले का नाम भी सीधा,चलना भी सीधा और दिखते भी सीधे हैं,तुम्हारे वालों का नाम भी टेढ़ा चलते भी टेढ़े और खड़े भी टेढ़े होते हैं।
धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा था कि बंसी बजाना खेल है, धनुष चलाना खेल नहीं।गाय तो कोई भी चरा सकता है,गाय चराना तो खेल भी है बंदरों को नचाना खेल नहीं। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने गोवर्धन पर्वत उठाने का जिक्र करते हुए कहा था कि पर्वत उठाना बड़ी बात नहीं हमारे भगवान के चेले (हनुमान जी) ने तो पूरा पर्वत ही उड़ा दिया था।

विवाद बढ़ने पर मांगी माफी

इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद मथुरा के साधु-संतों ने भी गहरी नाराजगी जताई थी।विवाद को बढ़ता देख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी।कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है,वे खुद ठाकुरजी के भक्त हैं और श्रीमद्भागवत कथा भी करते हैं। उनका इरादा राम और कृष्ण में भेद करने का बिल्कुल नहीं था।वह केवल एक संत के बहुत प्रचलित भावपूर्ण पद बंसी बजाना तो खेल ही है,पर धनुष उठाना खेल नहीं की व्याख्या कर रहे थे।यदि उनकी बात या भाव से किसी के मन को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।

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