अयोध्या दीपोत्सव 2026:2100 स्वदेशी ड्रोन करेंगे रामायण बेस्ड एरियल शो, 7 नवंबर को रामनगरी में दिखेगा अद्भुत नजारा
अयोध्या दीपोत्सव 2026:2100 स्वदेशी ड्रोन करेंगे रामायण बेस्ड एरियल शो, 7 नवंबर को रामनगरी में दिखेगा अद्भुत नजारा

24 Oct 2026 |   21



 

अयोध्या।प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में इस बार 7 नवंबर को 10वां दीपोत्सव नया इतिहास रचेगा।दीपोत्सव में स्वदेशी तकनीक से बने 2,100 ड्रोन का एरियल शो आयोजित किया जाएगा,ये ड्रोन शो रामायण-थीम पर आधारित होगा।
सरयू तट पर 2,147 प्रतिभागी सरयू आरती करेंगे।धाम लाखों मिट्टी के दीयों से जगमग होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा भी लिया।सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राम की पैड़ी समेत पूरी अयोध्या नगरी को पिछले साल की तरह ही भव्य स्तर पर दीयों से रोशन किया जाए। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 2017 में शुरू हुआ दीपोत्सव का ये सफर आज वैश्विक पहचान हासिल कर चुका है। सीएम ने श्रद्धालुओं और अतिथियों की सुविधा,सुरक्षा,साफ-सफाई और सुगम आवाजाही को तरजीह देने के भी निर्देश दिए।बता दें कि इस बार दीपोत्सव सनातन परंपरा,भारतीय संस्कृति और जन-आस्था का एक अलौकिक उत्सव बनेगा. 

तीन चरणों में आयोजित होगा समारोह

आयोजन तीन चरणों में आयोजित होगा।पहला चरण साकेत कॉलेज से एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी,जिसमें रामायण के अलग-अलग प्रसंगों पर आधारित झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भगवान राम के जिंदगी के आदर्शों को दर्शाएंगी।दूसरा चरण रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम और मां सीता का प्रतीकात्मक आगमन होगा,जिसके बाद भरत मिलाप और प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक समारोह आयोजित किया जाएगा।तीसरा चर शरण राम की पैड़ी पर सरयू आरती, दीपोत्सव, 200 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, 2,100 ड्रोन का एरियल शो, लेजर डिस्प्ले, गोंडा पुल के पास पर्यावरण-अनुकूल आतिशबाजी और अंतरराष्ट्रीय रामलीला का मंचन होगा.

13 राज्यों और के कलाकार दिखाएंगे हुनर

दीपोत्सव के इस भव्य आयोजन में लगभग 35,000 स्वयंसेवक भाग लेंगे। उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश,ओडिशा,कर्नाटक,झारखंड,पश्चिम बंगाल,महाराष्ट्र,असम,राजस्थान,बिहार,केरल,गोवा और तेलंगाना के लगभग 1,000 कलाकार अपनी लोक कलाओं और पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन करेंगे।

12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधि होंगे शामिल

दीपोत्सव के इस भव्य आयोजन में 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।भारत में पदस्थ विदेशी राजदूतों और विदेशों में तैनात भारतीय राजनयिकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।डिजिटल माध्यमों से 5 करोड़ से ज्यादा लोगों तक इस भव्य आयोजन को पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

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