कहां गए रामलला का हार और चरण पादुका,एस‌आईटी के लिए बने पहेली,फिर घिरे टिन्नू
कहां गए रामलला का हार और चरण पादुका,एस‌आईटी के लिए बने पहेली,फिर घिरे टिन्नू

20 Jun 2026 |   12



ब्यूरो सुनील कुमार पाण्डेय 

अयोध्या।चंदा चोरी से जुड़े विवादों को लेकर राम मंदिर लगातार देश और विदेश में सुर्खियों में बना हुआ है।अब एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देशभर के करोड़ों राम भक्तों ने रुपये-पैसे और सोना-चांदी दिल खोलकर दान दिए थे।जौनपुर के एक परिवार ने बहुमूल्य हार और चरण पादुका भेंट की थी,जो अब लापता है।चार दिन से जांच कर रही एसआईटी को अभी तक इनकी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।सवाल है कि आखिर करोड़ों की आस्था से जुड़ा यह उपहार कहां गया।हार और चरण पादुका एसआईटी के लिए पहेली बन गए हैं।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान जौनपुर के विश्वकर्मा परिवार ने रामलला को रत्न जड़ित विशेष हार और चरण पादुका की थी भेंट

राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान जौनपुर के विश्वकर्मा परिवार ने रामलला को रत्न जड़ित विशेष हार और चरण पादुका भेंट की थी।परिवार के सदस्य लगभग 200 किलोमीटर पैदल चलकर रामनगरी अयोध्या पहुंचे थे।उन्होंने यह उपहार रामलला को अर्पित किया था। अब यही हार और चरण पादुका एसआईटी के लिए बड़ी पहेली बन गए हैं।जांच के चौथे दिन एसआईटी ने मंदिर से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की,लेकिन उपहारों का कोई सुराग नहीं मिला।

सूत्रों के मुताबिक...

सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव,कृष्णदेव तिवारी और रामलला के चार पुजारियों से पूछताछ की।पुजारी मोहित पांडेय ने जांच टीम को बताया कि रामलला को हार पहनाने के बाद उन्होंने वह हार टिन्नू यादव को वापस कर दिया था।सूत्रों मुताबिक टिन्नू यादव का कहना है कि हार को बाद में गलाकर ईंट के रूप में तैयार करने के लिए बेंगलुरु भेज दिया गया था,हालांकि जांच में अब तक न तो उस कथित ईंट का कोई पता चला है और न ही उससे जुड़ा कोई दस्तावेज या रसीद मिली है।

कोई स्पष्ट जवाब नहीं

जांच के दौरान वरिष्ठ पुजारी अशोक उपाध्याय,संतोष तिवारी, प्रेमचंद्र त्रिपाठी और युवा पुजारी मोहित पांडेय से भी जानकारी ली गई,लेकिन हार और चरण पादुका की मौजूदगी को लेकर कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया।दो दिन पहले अयोध्या के रोकड़िया हनुमान मंदिर के आचार्य विनोद मिश्रा ने मीडिया को बताया था कि जौनपुर के जंगही निवासी अजय विश्वकर्मा अपने पिता केदारनाथ विश्वकर्मा और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पैदल अयोध्या पहुंचे थे,उन्होंने टिन्नू यादव के माध्यम से रामलला को यह विशेष हार और चरण पादुका भेंट की थी।

कोई कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं

बताया जाता है कि हार पर 12 ज्योतिर्लिंग उकेरे गए थे, जबकि चरण पादुका पर 64 चरण चिह्न अंकित थे।दोनों उपहार बेहद मूल्यवान थे।परिवार को यह आश्वासन भी दिया गया था कि रामलला को हार पहनाए जाने की तस्वीर उपलब्ध कराई जाएगी,लेकिन आज तक उन्हें कोई तस्वीर नहीं मिली, हालांकि अब इस पूरे मामले पर राम मंदिर ट्रस्ट के कोई भी पदाधिकारी कैमरे के सामने नहीं बोल रहे हैं।एक तरफ जहां जांच टीम जांच कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ चरण पादुका कहां है,यह बड़ा सवाल भी सामने खड़ा हो रहा है।

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