अमेरिका का बड़ा एक्शन,ईरान को हथियार सप्लाई करने के आरोप में पाकिस्तानी कंपनी और बिजनेसमैन पर लगाए प्रतिबंध
अमेरिका का बड़ा एक्शन,ईरान को हथियार सप्लाई करने के आरोप में पाकिस्तानी कंपनी और बिजनेसमैन पर लगाए प्रतिबंध

03 Oct 2026 |   26



 

वाशिंगटन।अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के सैन्य नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने एक पाकिस्तानी बिजनेसमैन और उसकी रक्षा कंपनी सहित दुनिया भर के 10 नागरिकों और कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए अवैध रूप से हथियार,ड्रोन और मिसाइल के कलपुर्जे जुटाने में मदद की है।यह पूरी कार्रवाई अमेरिका के विशेष अभियान ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत की गई है,जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु और रक्षा कार्यक्रमों को मिलने वाली आर्थिक मदद को पूरी तरह से रोकना है।

पाकिस्तानी कंपनी कवालियर ग्रुप आई निशाने पर

ताजा कार्रवाई में मुख्य रूप से पाकिस्तान की जानी-मानी प्राइवेट डिफेंस कंपनी कवालियर ग्रुप और उसके चेयरमैन को निशाना बनाया गया है।अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार इस कंपनी के मुखिया ने पाकिस्तान के साथ-साथ सऊदी अरब और तुर्की में फैली अपनी सहयोगी कंपनियों का इस्तेमाल ईरान के लिए हथियारों की हेराफेरी करने में किया।
सऊदी अरब में मौजूद उनकी कंपनी कवालियर डायनेमिक्स फॉर टेक्नोलॉजीज पर की गई यह कार्रवाई अमेरिकी सरकार ने सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर की है,इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने ईरान के रक्षा मंत्रालय को तकनीकी और वित्तीय मदद पहुंचाने की कोशिश की।

क्या है अमेरिका का ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट

अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका ऐसी किसी भी ताकत को नहीं छोड़ेगा जो ईरान को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट की शुरुआत इसी साल अगस्त में हुई थी,इसके तहत उन रास्तों और संगठनों को बंद किया जा रहा है,जिनकी मदद से ईरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचकर पैसा कमाता है और मध्य पूर्व में उग्रवादी गतिविधियों को बढ़ावा देता है।

प्रतिबंधों का क्या होगा असर

इन पाबंदियों के बाद अब इन कंपनियों और नागरिकों की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया जाएगा। साथ ही दुनिया का कोई भी बैंक या वित्तीय संस्थान इनके साथ लेन-देन नहीं कर पाएगा।अमेरिकी सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी देश या कंपनी ईरान की मदद करेगी, उसे अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा और उन पर भी सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।फिलहाल पाकिस्तान के कवालियर ग्रुप ने इन गंभीर आरोपों पर अपनी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से ईरान के सैन्य नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

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