अखिलेश यादव के विवादास्पद पोस्टर को लेकर यूपी के कई जिलों में प्रदर्शन,सपा कार्यकर्ताओं ने फाड़े पोस्टर,बीजेपी और सरकार पर उतारा गुस्सा
अखिलेश यादव के विवादास्पद पोस्टर को लेकर यूपी के कई जिलों में प्रदर्शन,सपा कार्यकर्ताओं ने फाड़े पोस्टर,बीजेपी और सरकार पर उतारा गुस्सा

26 May 2026 |   41



 

बदायूं /उन्नाव /शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव की विवादित होर्डिंग लगाए जाने को लेकर सूबे में सियासी माहौल गरमा गया है।प्रमुख मार्गों पर लगाए ग‌ई होर्डिंग में सपा मुखिया और अन्य नेताओं को लेकर आपत्तिजनक और विवादित संदेश फैलाए जा रहे हैं।अब इसको लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं।लगी होर्डिंग फाड़ी जा रही हैं।सरकार और बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।

अपने नेता और पार्टी के खिलाफ लगे इन पोस्टरों को लेकर बदायूं में सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर था।सपा कार्यकर्ता शहर में लगे सपा विरोधी पोस्टरों को फाड़ रहे थे।साथ ही बीजेपी और सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भाजपा के गिरते जनाधार के कारण ऐसा किया जा रहा है।भाजपा सरकार में ही हाथरस कांड हुआ,कुलदीप सेंगर का उन्नाव रेप कांड हुआ।सपा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी सरकार में ही महिलाओं के साथ अपराध बढ़ने का आरोप लगाया।

यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पोस्टर वॉर शुरू हो चुका है।बदायूं में मंगलवार सुबह ऐसी ही होर्डिंग लगी दिखी। होर्डिंग में सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ-साथ एक छोटी बच्ची हाथों से अपना चेहरा ढके हुए बनी हुई है।इस पर लिखा हुआ था,महिला विरोधी सपाई,बेटियों की चीखें गुंडों का शोर,सपा राज में यही था दौर।

फिलहाल इस होर्डिंग को किसने लगाया,यह अभी पता नही चल पाया है,क्योंकि इसकी जिम्मेदारी अभी किसी भी दल ने नहीं ली है।वहीं इस होर्डिंग की खबर मिलते ही सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।सपा मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ लगी होर्डिंग को कार्यकर्ताओं ने फाड़ डाला।
हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि ये होर्डिंग लगवाने वाली ताकतें कौन सी हैं,लेकिन इस होर्डिंग की चर्चा ने सियासी खेमों में हलचल मचा दी है।

उन्नाव शहर में में भी एक विवादित होर्डिंग लगाए जाने से सियासी माहौल गरमा गया है।शहर के प्रमुख मार्ग पर लगाई गई इस होर्डिंग में अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को लेकर आपत्तिजनक और विवादित संदेश प्रदर्शित किए जाने का आरोप लगाया गया।विवादित होर्डिंग सामने आने के बाद सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इसका विरोध करते हुए प्रदर्शन किया और प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह होर्डिंग किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह द्वारा राजनीतिक दुर्भावना से लगाया गया, इसका उद्देश्य पार्टी की छवि खराब करना और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना है।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जताई और कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति ऐसे होर्डिंग लगना सुरक्षा और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।प्रदर्शन में शामिल सपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध स्वीकार्य है,लेकिन किसी भी दल या नेता के खिलाफ इस प्रकार के व्यक्तिगत और आपत्तिजनक प्रचार को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

सपा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि संबंधित होर्डिंग को तुरंत हटाया जाए और इसे लगाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक मौजूद रहे और उन्होंने नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।वहीं स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है।सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज के मुताबिक विवादित होर्डिंग की जानकारी मिलने के बाद संबंधित स्थान की जांच कराई जा रही है।यह भी देखा जा रहा है कि होर्डिंग लगाने की अनुमति ली गई थी या नहीं।
ऐसे में यदि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर होर्डिंग लगाई गई है या उसमें कोई आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्नाव शहर में इस घटना को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।स्थानीय लोगों का भी कहना है कि चुनावी या राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच सार्वजनिक स्थानों पर मर्यादा और नियमों का पालन होना चाहिए।फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।

शाहजहांपुर शहर के मुख्य चौराहों और सड़कों पर सपा अखिलेश यादव के विवादित पोस्टर लगाए जाने से जिले की राजनीति गरमा गई है।पोस्टर सामने आने के बाद सपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

मामला शाहजहांपुर के कैंट,सदर और कचहरी रोड सहित कई प्रमुख इलाकों का है।बताया जा रहा है कि बीती रात अज्ञात शरारती तत्वों ने सुनियोजित तरीके से शहर के अलग-अलग हिस्सों में ये विवादित पोस्टर लगा दिए।सुबह जब सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी तो हड़कंप मच गया।नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और पैदल मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।सपा जिला अध्यक्ष तनवीर खान ने इसे पार्टी मुखिया की छवि धूमिल करने की साजिश बताया। तनवीर खान ने प्रशासन से मांग की कि सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए।

घटना के विरोध में सपा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी।

सपा जिला अध्यक्ष तनवीर खान का कहना है यह सिर्फ पोस्टर लगाने का मामला नहीं है,बल्कि माहौल खराब करने की साजिश है। 2027 के चुनाव को देखते हुए सपा और अखिलेश यादव जी की बढ़ती लोकप्रियता से विरोधी दल घबराए हुए हैं।कुछ लोग जानबूझकर भाईचारे का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं।समाजवादी पार्टी हमेशा एकता और सौहार्द की राजनीति करती है।हमने प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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