ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी
लखनऊ।उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थी के सरनेम और टाइटिल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर स्पष्टीकरण दिया है।चयन की प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी है।
इस संबंध में बयान जारी करते हुए पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कहा कि सोशल मीडिया में कतिपय अभ्यर्थियों के सरनेम या टाइटल के आधार पर उनकी जाति/श्रेणी के संबंध में भ्रामक टिप्पणियां की जा रही हैं।उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड इस संबंध में यह स्पष्ट करता है कि सरनेम या टाइटल के आधार पर किसी अभ्यर्थी की जाति निर्धारित नहीं की जाती है।अभ्यर्थियों को सक्षम अधिकारियों द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्रों की संवीक्षा (वेरिफिकेशन) की कार्यवाही की जाती है।
पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कहा कि अभिलेखों की संवीक्षा हेतु गठित डीवी बोर्ड द्वारा (जिसमें उपजिलाधिकारी स्तर एवं पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी होते हैं) समुचित रूप से मूल जाति प्रमाण पत्र का परीक्षण किया जाता है। उक्त परीक्षण से पूर्णतया संतुष्ट होने के उपरांत ही अभ्यर्थियों को संबंधित श्रेणी में सफल घोषित किया जाता है।
पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड ने कहा कि नियुक्ति पत्र देने से पूर्व नियुक्ति जनपद के पुलिस अधीक्षक द्वारा चयनित अभ्यर्थियों का पुनः सत्यापन कराया जाता है।यदि किसी व्यक्ति को किसी विशिष्ट अभ्यर्थी की जाति के संदर्भ में कोई पुष्ट एवं प्रामाणिक जानकारी प्रदान करनी है तो कृपया उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के ई मेल sampark@uppbpb.gov.in पर सूचित करें। बोर्ड द्वारा इस सम्बंध में समुचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बोर्ड ने कहा कि भर्ती में आरक्षण संबंधित सभी शासनादेश व इस संबंध में माननीय उच्चतम व उच्च न्यायालय के संबंधित निर्णयों के अनुरूप पूर्ण शुचिता के साथ सभी कार्यवाही की गई है। अतः आपको सूचित किया जाता है कि कृपया ऐसी भ्रामक एवं अपुष्ट टिप्पणियां न लिखें,न आगे प्रसारित करने में सहयोगी बनें,यह कानूनी रूप से अपराध है।ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
बता दें कि सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरें चल रही हैं जिनमें सरनेम या टाइटिल को लेकर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं।