खाते में 3 लाख का लेनदेन पड़ा भारी,10 हजार से ज्यादा राशन कार्ड हुए निरस्त
छह माह के सत्यापन में 10 हजार 598 कार्ड मिले अपात्र, बड़े काश्तकार भी इसमें शामिल
आधार से बैंक खाते लिंक होने से पकड़ में आ रहीं गड़बड़ी, शस्त्र धारक भी ले रहे थे खाद्यान्न
शाहजहांपुर।उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में अपात्र राशन कार्ड धारकों पर बड़ी कार्रवाई हुई है।पांच किलो राशन के लिए गरीबों का हक डकार रहे लाेगों पर शिकंजा कसा है।पूर्ति विभाग ने 10 हजार 598 कार्ड निरस्त कर दिए गए,जिसमें 95 फीसदी कार्ड ऐसे हैं,जिनकी बैंक खातों में एक साल में तीन लाख या इससे अधिक का लेनदेन हुआ है।शेष पांच फीसदी में चार पहिया वाहन स्वामी और शस्त्र धारक भी शामिल हैं।
शहरी क्षेत्र में परिवार के मुखिया की आय सालाना तीन लाख रुपये है तो उसे नहीं मिलेगा राशन
शहरी क्षेत्र में अगर परिवार के मुखिया की आय सालाना तीन लाख रुपये है तो उसे राशन नहीं मिलेगा।ग्रामीण क्षेत्र में आय दो लाख रुपये सालाना निर्धारित है।पात्रता के कई अन्य मानक भी हैं,लेकिन तमाम ऐसे कार्ड धारक भी हैं,जिन्होंने इन साक्ष्यों को या तो छिपाकर कार्ड बनवा लिए।
शाहजहांपुर राशन कार्ड विवरण:एक नजर में
विवरण संख्या/आंकड़े
कुल राशन की दुकानें 1,336
अंत्योदय कार्डधारक 37,841
पात्र गृहस्थी कार्डधारक 5,42,300
6 माह में बने नए राशन कार्ड 16,323
नए कार्डों में जोड़े गए कुल यूनिट 56,767
कार्ड बनवाने के बाद पात्रता के मानक से बाहर हो गए...
कार्ड बनवाने के बाद पात्रता के मानक से बाहर हो गए,लेकिन प्रति यूनिट पांच किलो राशन के लालच में कार्ड निरस्त नहीं करवा रहे थे।पूर्ति विभाग की ओर से जब जांच कराई गई तो बीते छह महीने में ही 10 हजार 598 राशन कार्ड धारक ऐसे मिले जो पात्रता सूची से बाहर थे।इन कार्डों में 39 हजार 589 यूनिट शामिल थे,जिन्हें निरस्त कर दिया गया। फरवरी की आगर बात करें तो 800 से अधिक अपात्र कार्डों को निरस्त किया गया है,जिन कार्डों को निरस्त किया गया,उनमें 95 फीसदी ऐसे हैं,जिनके खातों में निर्धारित आय के मानक से अधिक का वार्षिक लेनदेन किया जा रहा था।
13 अंत्योदय कार्ड भी निरस्त
सत्यापन में 13 अंत्योदय कार्डों को भी निरस्त किया गया है,जिसमें 42 यूनिट शामिल थे,जबकि इतने ही नये अंत्योदय कार्डों को बनाया गया है,जिसमें 46 यूनिट शामिल किए गए।
जानें किस इस तरह कराई जाती है जांच
पूर्ति विभाग हर वर्ष कार्डों का सत्यापन कराता है।राशन कार्डों के साथ आधार कार्डों की पहले ही सीडिंग कराई जा चुकी है। बैंक खाते में भी आधार लिंक होता है।ऐसे में केंद्र सरकार कृषि विभाग के सहयोग से ऐसे खाताधारकों को चिह्नित कराती है,जिनके खाते में तीन लाख से अधिक का लेनदेन होता है। वही रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाती है।राज्य सरकार सभी जिलों के पूर्ति अधिकारियों को भेजकर कार्ड निरस्त कराने की कार्रवाई कराई जाती है।
यह भी जानें
वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को खाद्यान्न देने के अलग-अलग मानक तय हुए थे।ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 79.56 फीसदी और शहर में 64.43 फीसदी ही कार्ड जोड़े जा सकते है।अंत्योदय राशन कार्ड के लिए 756.820 एमटी गेहूं और 567.615 एमटी चावल का वितरण किया जाता है। पात्र गृहस्थी योजना के तहत 6528.342 एमटी गेहूं और 4352.228 एमटी चावल का वितरण हर माह किया जाता है।
तय मानक के विपरीत यदि कोई राशन कार्ड बनवाकर खाद्य ले रहा है तो वह तत्काल कार्ड निरस्त करवा ले। ताकि पात्र व्यक्ति को उसका हक मिल सके। शासन स्तर से भी समय-समय पर जांच कराई जाती है। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।- चमन शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी