ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी
लखनऊ।सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत कुल 92098 लाभार्थियों के खातों में आवास निर्माण की पहली किस्त के रूप में 900 करोड़ रुपए की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की।इस मौके पर सीएम ने गरीबों के साथ-साथ प्रदेश के वकीलों,डॉक्टरों,शिक्षकों और पत्रकारों के लिए भी आवास उपलब्ध करने की बात की।सीएम ने कहा कि प्रदेश में हर गरीब के पास अपना आवास होना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी की सत्ता में जो लोग थे उन्होंने प्रदेश में कुछ माफियाओं को पाला था।उन माफियाओं ने सरकार की जमीनें कब्जा की थीं,उन जमीनों को कब्जे से मुक्त कराते हुए जिन गरीबों के पास अपनी जमीन नहीं है,उनके लिए हाईराइज बिल्डिंग बनाई जाएंगी। वहां पर गरीबों के साथ-साथ वकीलों,डॉक्टरों,शिक्षकों और पत्रकारों के लिए भी आवास बनाए जाएंगे।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में पत्रकारों का खास तौर पर उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि ये दिन भर भटकते हैं,इनके लिए यदि हर जिले में सस्ते में आवास उपलब्ध होंगे तो कम से कम उनके पास अपना एक ठौर-ठिकाना हो जाएगा।सीएम ने सभी जिलों के अधिकारियों और नगर विकास विभाग से कहा कि ये सभी सुविधाएं हमें हर जिले में उपलब्ध करानी चाहिए।इसका संदेश अच्छा जाएगा।सीएम ने कहा कि माफिया से मुक्त कराई भूमि पर गरीब,पत्रकार,वकील,शिक्षक और डॉक्टर का मकान बन रहा है।यदि आवश्यकता पड़े तो माफिया की अपनी जमीन को भी जब्त करके इस योजना को आगे बढ़ाना चाहिए,जिन्होंने शोषण किया है उसे ब्याज सहित वापस करने का समय आ गया है।
सीएम योगी ने कई महिला लाभार्थियों से संवाद भी किया। सीएम ने कहा कि आज यूपी देश के विकास का ग्रोथ इंजन बना है।प्रदेश सरकार गांव,गरीब,किसान,नौजवान,महिलाओं और समाज के प्रत्येक तबके लिए काम कर रही है।सीएम ने कहा कि जब वंचित,दलित और अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को योजनाओं का लाभ मिलता है तो उनका जीवन स्तर ऊपर उठता है,व्यक्ति की आमदनी बढ़ती है,राज्य की आमदनी भी बढ़ती है।अर्थव्यवस्था में सुधार होता है।
सीएम योगी ने कहा कि यूपी में 2017 के पहले गरीबों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता था,उन्हें राशन भी नहीं मिल पाता था।उत्तर प्रदेश एक बीमारू राज्य था। सीएम ने कहा कि आज प्रदेश में महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है। पहले गरीबों,ठेला,खोमचा,रेहड़ी लगाने वालों के बारे में कोई नहीं सोचता था। आज उनके लिए लोन की भी व्यवस्था है। गांव से लेकर शहर तक यदि कोई युवा अपना उद्यम शुरू करना चाहता है तो ब्याज रहित ऋण मिल रहा है।