रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ) ग्रुप सेंटर में बिना अनुमति घुसने का मामला सामने आने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।कैंप के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने दो संदिग्ध युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।पुलिस ने दोनों से पूछताछ के बाद उनका चालान कर दिया है।
उप कमांडेंट सौरव राजपूत की तहरीर के मुताबिक...
सीआरपीएफ में तैनात उप कमांडेंट सौरव राजपूत की तहरीर के मुताबिक दोनों युवक बाइक से कैंप परिसर में घुस गए थे। ड्यूटी पर तैनात गार्ड ने उन्हें संदिग्ध रूप से घूमते देखा और रोककर पूछताछ की।शुरुआत में दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और गुमराह करने का प्रयास किया।
सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने बताया अपना नाम
सख्ती से पूछताछ करने पर एक ने अपना नाम नईम निवासी ग्राम पटवाई और दूसरे ने भूरा निवासी ग्राम घोसीपुरा बताया। घटना को गंभीर मानते हुए सीआरपीएफ प्रशासन ने सिविल लाइंस थाना पुलिस को तहरीर दी।इसके आधार पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।घटना के बाद कैंप की सुरक्षा और सख्त कर दी गई है।सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ओमकार सिंह ने बताया कि दोनों से पूछताछ की गई है और उनका चालान कर दिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मोबाइल और पहचान की जांच जारी
पुलिस दोनों संदिग्धों के मोबाइल फोन,पहचान पत्र और आपसी संपर्कों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कैंप में प्रवेश का उद्देश्य क्या था और उनका किसी संदिग्ध गतिविधि से संबंध तो नहीं है।
पहले भी हो चुका है हमला
बता दें कि 31 दिसंबर 2007 की रात सीआरपीएफ समूह केंद्र पर आतंकियों ने हमला किया था। एके-47 और हथगोले से लैस आतंकियों ने शिविर के गेट नंबर तीन में घुसकर फायरिंग की थी। इसमें सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हुए थे। एक रिक्शा चालक की मौत भी हुई थी। तब से कैंप की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।