ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी
लखनऊ।योगी आदित्यनाथ सरकार ने ठान लिया है कि उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदलकर रख देंगे।तस्वीर तो बदली जाएगी।अब राजधानी लखनऊ में मेट्रो का नेटवर्क पुराने शहर के अंदर भी तेजी से बढ़ने वाला है।चारबाग से वसंतकुंज के बीच प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के एक बड़े हिस्से में अब मेट्रो जमीन के नीचे फर्राटा भरेगी।खास बात यह है कि इस अंडरग्राउंड रूट में अमीनाबाद और चौक जैसे लखनऊ के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक इलाके भी शामिल हैं। अंडरग्राउंड रूट फाइनल होने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने वाली है।
चारबाग से चौक तक जमीन के नीचे फर्राटा भरेगी मेट्रो
फेज-1B के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में चारबाग से चौक तक लगभग 6.70 किलोमीटर का अंडरग्राउंड सेक्शन बनेगा।इसके लिए सात अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं।सरकारी ई-टेंडर में इस काम की लागत लगभग 1,877.89 करोड़ रुपये है।
अमीनाबाद में पार्क के नीचे बनेगा स्टेशन
नए रूट की सबसे खास बात अमीनाबाद स्टेशन है। अमीनाबाद में मेट्रो स्टेशन झंडे वाले पार्क के नीचे बनेगा। ऊपर व्यस्त बाजार और पार्क अपनी जगह रहेगा।नीचे मेट्रो स्टेशन होगा।
ये होंगे अंडरग्राउंड स्टेशन
चारबाग से चौक के बीच अंडरग्राउंड रूट पर कुल सात स्टेशन होंगे,चारबाग,गौतमबुद्ध मार्ग,अमीनाबाद,पाण्डेयगंज,सिटी स्टेशन,मेडिकल चौराहा और चौक।इनके बाद रूट धीरे-धीरे जमीन के ऊपर आएगा और ठाकुरगंज से आगे मेट्रो का हिस्सा एलिवेटेड होगा।पूरे चारबाग-वसंतकुंज कॉरिडोर की लंबाई लगभग 11.165 किलोमीटर है,जिसमें सात स्टेशन अंडरग्राउंड और पांच स्टेशन एलिवेटेड होंगे।
चौक में खत्म होगा अंडरग्राउंड सफर
चौक स्टेशन इस अंडरग्राउंड हिस्से का आखिरी स्टेशन होगा। इसके बाद रूट अंडरग्राउंड से एलिवेटेड में बदलेगा और ठाकुरगंज,बालागंज,सरफराजगंज,मूसाबाग होते हुए वसंतकुंज की तरफ जाएगा।
चारबाग बनेगा बड़ा इंटरचेंज
चारबाग स्टेशन इस कॉरिडोर में महत्वपूर्ण इंटरचेंज के रूप में विकसित होगा।यहां यात्रियों को मौजूदा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर और नए ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के बीच आने-जाने की सुविधा मिलेगी,इससे पुराने लखनऊ से आने वाले यात्रियों को मेट्रो नेटवर्क बदलने में भी आसानी होगी।
कब शुरू होगा निर्माण
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अंडरग्राउंड रूट फाइनल हो चुका है और अगले महीने टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण शुरू कराने की तैयारी है। सरकारी ई-टेंडर में इस परियोजना के अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण की अवधि 1095 दिन दर्ज है।
खास है यह प्रोजेक्ट
अमीनाबाद,चौक, पाण्डेयगंज और आसपास के पुराने लखनऊ के इलाके बेहद घने और व्यस्त हैं,ऐसे क्षेत्रों में जमीन के ऊपर मेट्रो बनाने से सड़क,बाजार और मौजूदा ढांचे पर बड़ा असर पड़ सकता था,इसलिए इस हिस्से को भूमिगत रखने की योजना बनाई गई है,इससे पुराने लखनऊ को आधुनिक मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के साथ सड़क यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ-बाराबंकी मेट्रो रूट
लखनऊ में नॉर्थ-साउथ मेट्रो कॉरिडोर अमौसी एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक ले जाया जा रहा है।मुंशीपुलिया,इंदिरा नगर से अयोध्या रोड के रास्ते कामता चौराहा,मटियारी,अनौरा कलां होते हुए बाराबंकी तक जाएगा।अनौरा कलां से बाराबंकी के बीच लगभग 14.5 किमी लंबा लखनऊ मेट्रो रूट बनाया जाएगा।इससे रोजाना लखनऊ और बाराबंकी के बीच हजारों यात्रियों को बिना ट्रैफिक जाम 30-40 मिनट में सफर हो सकेगा।