नई दिल्ली।भारतीय कमोडिटी मार्केट से लेकर विश्व के बाजार में बड़ी हलचल दिख रही है,क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है,जिसके बाद कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट आई है। 29 मई के फ्यूचर के लिए ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइस 10.58 फीसदी गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुका है।अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 98 डॉलर प्रति बैरल पर हैं।
तेल की कीमतों में जोरदार गिरावट के साथ भारतीय शेयर बाजार बड़ी उछाल...
इधर तेल की कीमतों में जोरदार गिरावट के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में भी बड़ी उछाल देखी गई।निफ्टी 300 अंक चढ़कर 24,300 के ऊपर पहुंच गया और सेंसेक्स में 940 अंकों की उछाल देखी गई।दोनों इंडेक्स शानदार अपसाइड ट्रेंड पर बंद हुए।रुपया भी 24 पैसा मजबूत होकर बंद हुआ। इन सभी में तेजी की एक ही बड़ी वजह रही।
क्यों आई कच्चे तेल के भाव में अचानक बड़ी गिरावट
एक्सियोस की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान एक शुरुआती समझौते के करीब पहुंच रहे हैं,जो चल रहे तनाव को समाप्त कर सकते हैं।इससे आगे की परमाणु बातचीत का ढांचा तय किया जा सकता है।इस रिपोर्ट के आने के बाद कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट आई है,जिससे यह संकेत मिल रहा है कि अब दोनों देश जंग खत्म करने पर विचार कर रहे हैं।
2 दिनों में कुछ बड़ा होने जा रहा है
दरअसल एक्सियोस की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका अगले 48 घंटों में ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है,जिसके बाद एक्शन-रिएक्शन हो सकते हैं।फिलहाल ये सिर्फ कयास लगाए जा रहे हैं और अभी कोई फाइनल डील की चर्चा नहीं चल रही है, सिर्फ शुरुआती बातचीत की ओर कदम बढ़ाए गए हैं।
क्या और नीचे गिरेंगी तेल की कीमतें
ऑयल मार्केट यह भी कयास लगाया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच अगर समझौता होता है तो ईरान के ऊपर से प्रतिबंध हट जाएंगे।साथ ही ईरान की फ्रीज रकम अनफ्रीज की जा सकती है।साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोला जा सकता है,पाबंदिया हट सकती हैं,जिससे मिडिल ईस्ट से भारत जैसे बड़े देशों का कनेक्शन डायरेक्ट हो जाएगा और तेल की कीमतें और नीचे आ सकती हैं।