सीएम योगी ने सिंगापुर की धरती से किया बड़ा ऐलान,कहा-अगले महीने पीएम भारत के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे 
सीएम योगी ने सिंगापुर की धरती से किया बड़ा ऐलान,कहा-अगले महीने पीएम भारत के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे 

24 Feb 2026 |   24



 

लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के दौरे पर हैं। सीएम योगी ने दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को सिंगापुर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया।सीएम ने यूपी की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी आज कनेक्टिविटी के मामले में देश का नेतृत्व कर रहा है,यूपी अब एक्सप्रेसवे प्रदेश के बाद एयरपोर्ट प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान बना चुका है।सीएम ने प्रवासियों को राज्य की प्रगति में सहभागी बनने का न्योता भी दिया।

क्या है सीएम योगी का बड़ा ऐलान

सीएम योगी ने कहा कि यूपी भारत में सबसे अधिक हवाई अड्डों वाला राज्य बन गया है।सीएम ने सबसे बड़ा ऐलान जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर किया। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने (मार्च 2026) नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भव्य उद्घाटन करेंगे। यह हवाई अड्डा न केवल यूपी बल्कि पूरे भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होने जा रहा है।

नोएडा एयरपोर्ट है ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट

बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है।सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत इसको विकसित किया गया है।लगभग 1300 हेक्टेयर में फैले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण का संचालन शुरू में सितंबर 2024 में निर्धारित था,लेकिन यह कई समय-सीमाओं (डेडलाइन्स) से चूक चुका है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कैसे पहुंचे

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना बहुत आसान है,इसकी कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली से लगभग 75-80 किलोमीटर, नोएडा से लगभग 35-40 किलोमीटर और ग्रेटर नोएडा से लगभग 20-30 किलोमीटर दूर है।यात्री अपनी निजी गाड़ी,टैक्सी या कैब का उपयोग करके सीधे इस एयरपोर्ट पर पहुंच सकते हैं। यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से एयरपोर्ट तक की यात्रा सबसे सुविधाजनक है,जिससे समय की बचत होती है और आप बिना किसी परेशानी उड़ान पकड़ सकते हैं।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण चार बड़े चरणों में होगा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का निर्माण चार बड़े चरणों में होगा।कुल लागत 29,561 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।एयरपोर्ट यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए बन रहा है।हर चरण में इसकी क्षमता को बढ़ाया जाएगा।

चरणों के अनुसार विकास का खाका

पहला चरण (Phase-I):

लागत: 4,588 करोड़ रुपये 

यात्री क्षमता: 1.2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष

परिचालन अवधि: वित्तीय वर्ष 2023 से 2027 तक

दूसरा चरण (Phase-II):

लागत: 5,983 करोड़ रुपये 

यात्री क्षमता: 3 करोड़ यात्री प्रति वर्ष

परिचालन अवधि: वित्तीय वर्ष 2031 से 2032 तक

तीसरा चरण (Phase-III):

लागत: 8,415 करोड़ रुपये 

यात्री क्षमता: 5 करोड़ यात्री प्रति वर्ष

परिचालन अवधि: वित्तीय वर्ष 2036 से 2037 तक

चौथा चरण (Phase-IV):

लागत: 10,575 करोड़ रुपये 

यात्री क्षमता: 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष

परिचालन अवधि: वित्तीय वर्ष 2040 से 2050 तक

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