
अयोध्या।राम नगरी अयोध्या से एक और अच्छी खबर है।अब यहां रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास दस्तक देंगे।राम मंदिर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद से रामनगरी आने वालों श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है।अब रामलला के साथ-साथ राम मंदिर परिसर में गोस्वामी तुलसीदास का भी श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे,त्रेता युगीन रामायण कालीन पेड़ पौधे का भी दर्शन कर सकेंगे।राम मंदिर का निर्माण लगभग 96 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है।साल 2025 के अंत तक पूरे राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।
अप्रैल महीने से रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का श्रद्धालु दर्शन करेंगे।राम मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर परिसर के डेढ़ एकड़ में रामायण कालीन पेड़ पौधे लगाकर एक उपवन को विकसित करने का फैसला भी किया है।इससे श्रद्धालु रामलला के साथ-साथ रामायण कालीन पेड़ पौधे को भी देखेंगे।
इस संबंध में रामनगरी पहुंचे भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष निपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर में तुलसीदास की प्रतिमा स्थापित हो चुकी है,जिसका अप्रैल माह से श्रद्धालु दर्शन कर पाएंगे।हवाई अड्डे का निर्माण करने वाली जीएमआर कंपनी ने पांच वर्षों तक राम मंदिर में हॉर्टिकल्चर का कार्य करने की जिम्मेदारी ली है,ये काम वो नि:शुल्क करेगी।
निपेंद्र मिश्रा ने बताया कि जीएमआर कंपनी चाहती है कि राम मंदिर परिसर में ज्यादा से ज्यादा रामायण कालीन पौधों को लगाया जाए।ऐसे में लगभग डेढ़ एकड़ जमीन जीएमआर कंपनी को ट्रस्ट की ओर से सौंपी गई है।इस जमीन पर रामायण कालीन वृक्ष लगाया जाना शुरू भी हो गया है।कुछ पौधे लगा दिए गए हैं,कुछ लगाए जा रहे हैं और कुछ पौधों की खोज अभी की जा रही है।
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